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Friday, January 21, 2022
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Vidhan Sabha Chunav 2022: तो 15 जनवरी के बाद भी नहीं मिलेगी रैली करने की इजाजत, कोरोना का पीक आना बाकी!

भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, मणिपुर, गोवा में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी। तय कार्यक्रम के मुताबिक इन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच मतदान होगा। पांच राज्यों में चुनाव 7 चरणों में संपन्न होंगे और नजीते 10 मार्च को आएंगे। चुनावों की घोषणा के दौरान निर्वाचन आयोग ने देश में कोविड-19 महामारी के बीच आगामी 15 जनवरी तक जनसभाओं, साइकिल एवं बाइक रैली और पदयात्राओं पर रोक लगा दी। 

15 जनवरी के बाद फैसला लेगा चुनाव आयोगी

इसके साथ ही, उसने कोविड से सुरक्षा के सदर्भ में कड़े दिशानिर्देश भी जारी किए हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे डिजिटल माध्यम से प्रचार करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी प्रसारक दूरदर्शन के माध्यम से चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दलों को मिलने वाले समय को दोगुना किया जाएगा। आयोग  ने कहा कि वह 15 जनवरी के बाद स्थिति की समीक्षा करेगा और फिजिकल रैलियां करने की इजाजत देने को लेकर आगे का फैसला लेगा। 

कैसे मिलेगी फिजिकल रैलियों की इजाजत!

लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या 15 जनवरी के बाद पांचों राज्यों में फिजिकल रैलियां करने की इजाजत मिल जाएगी? मौजूदा हालातों को देखें तो ऐसी स्थिति कम ही नजर आ रही है। दरअसल आयोग देश में कोरोना के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में विधानसभा चुनावों को कोविड से सुरक्षित माहौल में कराने के लिए व्यापक टीकाकरण और खासकर चुनाव ड्यूटी में तैनात होने वाले कर्मियों को ऐहतियाती खुराक दिए जाने पर निर्भर कर रहा है। हालांकि इन सबके बीच विशेषज्ञों की मानें तो भारत में कोरोना का पीक आना अभी बाकी है। अमेरिका के एक स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने कहा कि भारत में कोरोना अगले महीने यानी फरबरी तक चरम पर होगा। उन्होंने कहा कि भारत में हर रोज कोरोना के मामले पांच लाख के पार जा सकते हैं। हालांकि, “इस बार डेल्टा वैरिएंट की तुलना में कोरोना वैरिएंट ओमिक्रॉन की गंभीरता कम होगी।” इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) के निदेशक और वाशिंगटन विश्वविद्यालय में हेल्थ मेट्रिक्स साइंसेज के अध्यक्ष डॉ क्रिस्टोफर मरे ने कहा: “आप ओमिक्रॉन लहर में प्रवेश कर रहे हैं, जैसा कि दुनिया भर के कई देश पहले से हैं, और हम उम्मीद करते हैं कि डेल्टा लहर के मुकाबले ओमिक्रॉन बहुत कम गंभीर होगा।” उन्होंने कहा, “इसलिए, भारत में बड़ी संख्या में मामले आएंगे और शायद मामलों के पुराने रिकॉर्ड टूट जाएं। 

विशेषज्ञ दे रहे चेतावनी

भारत में मौजूदा कोरोना केस से वैज्ञानिक हैरान हैं। ओमिक्रॉन वेव शुरू होने के बाद हर दिन लगभग 40 से 45 फीसदी मरीज रोज बढ़ जा रहे हैं। देश की संस्था IIS ने रोजाना 10 लाख केस का डराने वाला अनुमान जताया है। आईआईटी कानपुर की स्टडी है कि जनवरी में ही पीक आ जाएगा और हर दिन करीब 4-8 लाख केस आएंगे। 

पहले भी आलोचना झेल चुका है चुनाव आयोग 

पिछले साल मार्च-अप्रैल में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के समय पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव कराने को लेकर कई लोगों ने निर्वाचन आयोग की आलोचना की थी। निर्वाचन आयोग ने शनिवार को 16 सूत्री दिशानिर्देश जारी किए। उसने सार्वजनिक सड़कों और चौराहों पर नुक्कड़ सभा करने पर रोक लगाई है, हालांकि सीमित संख्या में लोगों के घर-घर पहुंचकर प्रचार करने की अनुमति दी है। चुनाव नतीजों के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी रोक होगी। चंद्रा ने संवाददातओं से कहा, ‘‘आयोग ने फैसला किया है कि 15 जनवरी तक लोगों की शारीरिक रूप से मौजूदगी वाली कोई जनसभा (फिजिकल रैली), पदयात्रा, साइकिल रैली, बाइक रैली रोडशो की अनुमति नहीं होगी…आगे चुनाव आयोग कोविड महामारी की स्थिति की समीक्षा करेगा और इसके मुताबिक निर्देश जारी करेगा।’’

आयोग ने लगाई पाबंदियां

चंद्रा ने कहा, ‘‘रात आठ बजे से सुबह बजे के बीच कोई सभा नहीं होगी। सार्वजनिक सड़कों पर कोई नुक्कड़ सभा नहीं होगी। चुनाव नतीजों के बाद कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि आगे स्थिति की समीक्षा के बाद ही चुनाव प्रचार के लिये राज्यों में कोविड से संबंधित दिशानिर्देश के अनुसार कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी। चंद्रा ने बताया कि सभी राज्यों को यह हलफनामा देना होगा कि वे सभी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। कोविड दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने वाले कानूनी कार्रवाई के भागी होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा डिटिजल चुनाव प्रचार हो।’’

कब आएंगे चुनावी नतीजे?

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रमों की घोषणा कर दी। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिये 10 फरवरी से लेकर सात मार्च तक सात चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में एक ही चरण में 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को मतदान होगा और इन सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव की मतगणना 10 मार्च को होगी।

(भाषा इनपुट)

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