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Friday, January 21, 2022
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PM की सुरक्षा में चूक पर कई पूर्व DGP का राष्ट्रपति को खत, बताया- लोकतंत्र को खतरा, ऐसा कभी नहीं हुआ

पंजाब के फिरोजपुर में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक होने के मुद्दे पर देश के कई पूर्व प्रशासकों ने राष्ट्रपति को खत लिखकर चिंता जाहिर की है। राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखने वाले लोगों में यूपी, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों के पूर्व डीजीपी एवं अन्य सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं। इस चिट्ठी में अधिकारियों ने कहा कि हम पूर्व पुलिस अधिकारी पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में जानबूझकर की गई चूक को लेकर हैरान हैं। अधिकारियों ने लिखा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी के पहले से तय दौरे के वक्त जिस तरह से रास्ता रोक दिया गया, वह राज्य सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच मिलीभगत का नतीजा लगता है। इसमें प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की सोच दिखती है।’

पूर्व अधिकारियों ने कहा कि इस घटना का जो प्रभाव है और इसके जो राष्ट्रीय एवं अतरराष्ट्रीय स्तर पर परिणाम हो सकते हैं, उसकी चिंता को देखते हुए ही हमने आपको यह पत्र लिखा है। पूर्व पुलिस अफसरों ने कहा कि जिस तरह से देश के प्रधानमंत्री का काफिला 15 से 20 मिनट तक रुका रहा, वह गहरी चिंता की बात है। इससे पता चलता है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है और यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। पत्र में पूर्व अफसरों ने कहा कि प्रधानमंत्री का दौरा पहले से तय था। उन्हें हुसैनीवाला स्थित शहीद स्मारक जाना था और फिर एक आयोजन को संबोधित करना था, जहां वह 42 हजार करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन अथवा शिलान्यास करने वाले थे। 

पंजाब के अफसर चाय पीते रहे और अटका रहा PM का काफिला

पूर्व अधिकारियों ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से साफ है कि राज्य सरकार ने पीएम के दौरे को लेकर हीलाहवाली की है। राज्य सरकार को वैकल्पिक रूट्स के बारे में पूरी जानकारी थी, जिनके बारे में फैसला लिया जा सकता था। पूर्व पुलिस अफसरों ने कहा कि यह गंभीर मुद्दा है और देश के इतिहास में पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ था। यहां तक कि इसके बाद स्टेट मशीनरी के बयान विरोधाभासी हैं। सीएम के लेवल से भी गलत बयान दिए जा रहे हैं। यही नहीं पूर्व अफसरों ने पंजाब प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम के रूट की जानकारी निश्चित तौर पर पुलिस के अधिकारियों ने ही दी थी, जिसके बाद वहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी पहुंच गए और प्रधानमंत्री को वहां फंसना पड़ा। 

यह घटना और पार्टी विशेष के नेताओं का रवैया लोकतंत्र पर खतरा

पूर्व अधिकारियों ने कहा कि टीवी मीडिया के फुटेज और अखबारों में छपी तस्वीरें भी बताती हैं कि मौके पर कोई सीनियर अधिकारी तक मौजूद नहीं था। यही नहीं प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाने की बजाय वे लोग चाय पीते नजर आते हैं। यही नहीं शाम होने तक एक पार्टी विशेष से जुड़े लोगों के ट्विटर हैंडल्स से जिस तरह की बातें लिखी गईं, वह बेहद गैरजिम्मेदाराना हैं। ये चिंता की बात है और भारतीय लोकतंत्र के लिए एक खतरा है। 

सीबीआई के पूर्व निदेशक, कई पूर्व डीजीपी समेत 27 लोगों ने लिखा पत्र

पीएम की सुरक्षा को खतरे पर चिंता जाहिर करते हुए पत्र लिखने वाले लोगों में पंजाब के पूर्व डीजीपी पीसी डोगरा, महाराष्ट्र के पूर्व डीजीपी प्रवीण दीक्षित, आईटीबीपी के पूर्व डीजी एसके जैन, दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर आरएस गुप्ता, सीबीआई के पूर्व निदेशक नागेश्वर राव, यूपी के पूर्व डीजीपी रहे भानु प्रताप सिंह और आर.एन. सिंह समेत कुल 27 पूर्व अधिकारी शामिल हैं। 

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