- Advertisements -spot_img

Friday, December 2, 2022
spot_img

ममता बनर्जी से शुभेंदु अधिकारी ने की मुलाकात, मुख्यमंत्री ने बताया भाई; क्या मायने?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से शुक्रवार को बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी मुलाकात करने पहुंचे। अधिकारी लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस में रहे हैं और पिछले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हो गए थे। शुभेंदु ने नंदीग्राम सीट से करीबी मुकाबले में ममता बनर्जी को पराजित कर दिया था। ममता और शुभेंदु के बीच यह मुलाकात इसलिए भी अहम है, क्योंकि चुनाव से पहले कई टीएमसी नेताओं ने दामन छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन चुनावी नतीजों के बाद फिर से वे ममता बनर्जी की पार्टी में शामिल हो गए थे। मुलाकात के बाद शुभेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी ने अपना भाई बताया।

ममता बनर्जी की ओर से शुभेंदु अधिकारी को मिलने का न्योता भेजा गया था। इसके बाद, वे शुक्रवार दोपहर को विधानसभा में ममता बनर्जी से मुलाकात करने के लिए पहुंचे। इस दौरान अधिकारी के साथ कुछ अन्य विधायक भी मौजूद थे। ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच चली इस बैठक के कई सियासी मायने निकाले जाने लगे हैं। सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या पश्चिम बंगाल में फिर से समीकरण बदलने लगे हैं। क्या शुभेंदु अधिकारी फिर से टीएमसी का दामन थाम सकते हैं? हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार की भेंट बताया है। 

पिछले विधानसभा चुनाव के बाद विपक्ष के नेता शुभेंदु ने पहली बार ममता बनर्जी से मुलाकात की। बाद में विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री ने शुभेंदु को अपने भाई के रूप में संबोधित किया। शुभेंदु अधिकारी राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए थे और दोष मुख्यमंत्री पर मढ़ा था। उसके ठीक दो दिन बाद ही दोनों की मुलाकात विधानसभा में हुई है। मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैंने शुभेंदु को चाय के लिए बुलाया. राज्य में विपक्ष के नेता ने कॉल का जवाब दिया। वहीं, शुभेंदु ने बाद में कहा, “यह एक शिष्टाचार भेंट थी। हालांकि, मैंने चाय नहीं पी।”

ममता बनर्जी पर हमलावर रहे हैं अधिकारी
तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी ममता बनर्जी पर काफी हमलावर रहे हैं।  शुभेंदु अधिकारी ने हाल ही में दावा किया था कि सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस कुछ इलाकों से हिंदुओं को हटाना चाहती है। उन्होंने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी धमकाने की राजनीति करने के आरोप लगाए। दरअसल, मोमीनपुर में पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जो बाद में हिंसा में तब्दील हो गया। अधिकारी ने कहा था, ”वे (टीएमसी) मोमीनपुर, इकबालपुर और खिदीरपुर से हिंदुओं को हटाना चाहते हैं। यह ममता बनर्जी की वोट बैंक की राजनीति है। हिंदू वोट बीजेपी की ओर जा रहे हैं और सीएम बनर्जी धमकियों और सांप्रदायिक अभियान चलाकर अल्पसंख्यक वोट हासिल कर रही हैं।”

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Related Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Stay Connected

563FansLike
0FollowersFollow
22FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisements -spot_img

Latest Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img