- Advertisements -spot_img

Thursday, June 30, 2022
spot_img

डीयू प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम की मौजूदगी के चलते इंदौर प्रशासन ने रद किया कार्यक्रम, अब उठ रहा विवाद

इंदौर जिला प्रशासन द्वारा एक सिंपोजियम के रद्द किए जाने के दूसरे दिन इस पर विवाद शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम आजाद यूथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था। दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शम्सुल इस्लाम ने इसे संवैधानिक अधिकारों पर हमला बताया है। गौरतलब है कि शम्सुल इस्लाम इस कार्यक्रम में बतौर वक्ता आमंत्रित थे। उनके साथ कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह और इतिहासकार अशोक कुमार पांडेय शामिल होने वाले थे। 

ऑडिटोरियम देने से किया इंकार
यह कार्यक्रम टेक्सटाइल डेवलपमेंट ट्रस्ट नाम के सरकारी संगठन के ऑडिटोरियम में होने वाला था। लेकिन संगठन ने सरकारी आदेश का हवाला देते हुए जल ऑडिटोरियम देने से इंकार कर दिया। इसके बाद कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। वहीं शम्सुल इस्लाम का कहना है कि यह सिंपोजियम इसलिए रद्द किया गया क्योंकि प्रशासन को मेरी मौजूदगी विवादास्पद लगी। उन्होंने कहाकि मैं एक फ्रीडम फाइटर फैमिली से ताल्लुक रखता हूं। मैं एकता और सांप्रदायिक सद्भाव वाले कार्यक्रम आयोजित करता हूं। लेकिन कुछ लोग विभिन्न धर्मों के लोगों के बीच विवाद पैदा करना चाहते हैं। शमसुल इस्लाम ने कहाकि इस कार्यक्रम में मैं हसरत मोहगनी का कृष्ण पर आधारित गीत पढ़ने वाला था। मैं पहले भी इसे कई जगहों पर पढ़ चुका हूं, लेकिन किसी ने भी इस पर न तो आपत्ति की और न ही किसी को कोई समस्या हुई। 

शम्सुल इस्लाम के बिना भी इजाजत नहीं
वहीं इतिहासकार अशोक कुमार पांडेय ने कहाकि संविधान पर आधारित कार्यक्रम को प्रशासन ने स्थगित कर दिया। यह कोई बड़ी बात नहीं। हम फिर आएंगे और फिर से कार्यक्रम करेंगे। हम शिकायत नहीं करेंगे, लेकिन खतरा हमारे ऊपर नहीं है। खतरा संविधान पर है। वहीं कार्यक्रम के आयोजक अमीनुल खान सूरी जो कि मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता भी हैं ने कहाकि पहले तो प्रशासन ने गुरुवार को शम्सुल इस्लाम को लेकर कार्यक्रम स्थगित कर दिया। बाद में हमने शमसुल जी के बिना ही कार्यक्रम की इजाजत मांगी तो उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह सरकार का आदेश है। वहीं टेक्सटाइल डेवलपमेंट ट्रस्ट के सचिव एमसी रावत ने कहाकि प्रशासन ने हमसे कहाकि कार्यक्रम यहां नहीं हो सकता। हम तो बस सरकारी आदेश का पालन कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह बताने से इंकार कर दिया कि प्रोग्राम कैंसल करने का आदेश किसने दिया था।

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Related Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Stay Connected

563FansLike
0FollowersFollow
22FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisements -spot_img

Latest Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img