- Advertisements -spot_img

Thursday, January 20, 2022
spot_img

चुनाव से पहले 5 राज्यों में रैलियों पर जारी रहेगा प्रतिबंध? EC कल करेगा मंथन; SP दफ्तर में टूटा प्रोटोकॉल

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने इन राज्यों में रैलियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। राजनीतिक पार्टियों को वर्चुअल रैली करने की इजाजत है। यह प्रतिबंध आगे जारी रहेगा या नहीं? इसपर शनिवार को चुनाव आयोग मंथन करेगा। दरअसल कोरोना महामारी को देखते हुआ आयोग ने इन सभी  पांच राज्यों में सार्वजनिक रैली, रोड शो और बाइक रैली समेत अन्य चीजों पर प्रतिबंध  लगाया था।

शनिवार यानी 15 जनवरी को चुनाव आयोग की होने वाली बैठक में इन प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने या इन्हें खत्म करने पर कोई फैसला हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक इन पांच राज्यों में कोरोना और इसके नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की स्थिति के आधार पर ही कोई निर्णय चुनाव आयोग लेगा। इससे पहले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर में चुनाव की तारीखों का ऐलान करते वक्त आयोग ने महामारी को देखते हुए 15 जनवरी तक रैलियों और जनसभाओं पर रोक लगा दी थी।

कैंपेन को लेकर जारी की थी गाइडलाइंस

आयोग ने इन राज्यों में कैंपेन को लेकर गाइडलाइंस जारी की थी। इसमें नुक्कड़ सभाओं पर भी बैन लगाया गया था। डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए लोगों की संख्या 5 निश्चित की गई थी। इतना नहीं वोटों की गिनती के बाद विजय जुलूस निकालने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

चुनाव प्रचार का समय बढ़ा

शुक्रवार को चुनाव आयोग की तरफ से एक प्रेस रिलीज जारी कर बताया गया है कि प्रसार भारती कॉरपोरेशन से चर्चा करने के बाद दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार का समय दोगुना कर दिया गया है।

बता दें कि  दूरदर्शन पर राजनीतिक दलों के प्रचार की शुरुआत सबसे पहले 1998 के लोकसभा चुनाव में हुई थी। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव 7 चरणों में होंगे। 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक चुनाव कराए जाएंगे और 10 मार्च को वोटों की गिनती होगी।

टूटा कोविड प्रोटोकॉल, केस दर्ज

चुनाव आयोग द्वारा पूर्व में दिये गये स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लखनऊ में स्वामी प्रसाद मौर्य की ज्वाइनिंग के दौरान समाजवादी पार्टी के दफ्तर में कोविड प्रोटोकॉल टूट गया। दरअसल पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, पूर्व मंत्री धर्म सिंह सैनी, विधायक भगवती सागर, विनय शाक्य, रोशन लाल वर्मा, मुकेश वर्मा और ब्रजेश प्रजापति ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। इस दौरान सपा दफ्तर में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ी थी।

भीड़ की तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए तो चुनाव आयोग ने लखनऊ के डीएम को जांच के लिए कहा। इसके बाद एक टीम सपा दफ्तर भेजी गई। टीम ने वीडियोग्राफी की और जांच रिपोर्ट सौंपने के साथ ही एफआईआर के लिए तहरीर दी गई। इसके बाद धारा 144 के उल्लंघन समेत कोविड प्रोटोकॉल उल्लंघन और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। 

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Related Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Stay Connected

563FansLike
0FollowersFollow
24FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisements -spot_img

Latest Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img