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Friday, January 21, 2022
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ओमिक्रॉन : दिल्ली-एनसीआर में हालात संभालने को केंद्र ने संभाला मोर्चा, हाई लेवल मीटिंग में एकीकृत रणनीति बनाने पर जोर

Omicron Variant in Delhi-NCR : देशभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामलों ने केंद्र के साथ ही राज्य सरकारों की भी टेंशन बढ़ा दी है। दिल्ली-एनसीआर में बेकाबू होते ओमिक्रॉन के मामलों को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। केंद्रीय गृह सचिव ने दिल्ली-एनसीआर में तैयारियों की समीक्षा के लिए गुरुवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें दिल्ली और उत्तर प्रदेश और हरियाणा राज्यों के नौ सीमावर्ती जिलों के अधिकारी शामिल हैं। 

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने गुरुवार को एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए विशेष रूप से ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में “एकीकृत रणनीति” की आवश्यकता पर जोर दिया। लगभग दो घंटे चली वर्चुअल मीटिंग के दौरान केंद्रीय गृह सचिव ने दिल्ली-एनसीआर में कोविड​​​​-19 की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की।

एनसीआर क्षेत्र की घनी आबादी को ध्यान में रखते हुए गृह सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र के सभी संबंधित अधिकारियों को वायरस से निपटने के लिए एक साथ आना आवश्यक है। भल्ला ने COVID-19 महामारी से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में एकीकृत रणनीति” की आवश्यकता पर दोहराया।

बैठक के दौरान गृह सचिव ने बताया कि ओमिक्रॉन वैरिएंट अत्यधिक तेजी से फैलने वाला है, इसलिए मामलों में किसी भी उछाल से निपटने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए और निगरानी और नियंत्रण तंत्र को और मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य और स्थानीय प्रशासन को मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे COVID-19 नियमों को सख्ती से लागू करना चाहिए।

गृह सचिव ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी बढ़ी हुई आवश्यकता से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर के सभी जिलों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को तुरंत मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इसके अलावा, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऑक्सीजन सप्लाई उपकरण पूरी तरह से काम कर रहे हैं और आवश्यक दवाओं का बफर स्टॉक बना रहे। 

केंद्रीय गृह सचिव ने दिल्ली-एनसीआर के उन सभी जिलों में टेस्टिंग को तेज करने पर भी जोर दिया, जहां टेस्ट कम प्रतीत होता है। वायरस के प्रसार को रोकने और रोकने के लिए सभी उपायों और तंत्रों को फिर से मजबूत किया जाना चाहिए।

बैठक में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी.के. पॉल और केंद्र सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली राज्यों के मुख्य सचिवों और सहायक मुख्य सचिवों के साथ दिल्ली और आसपास के जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। 

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देश में ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 3000 के पार, दिल्ली दूसरे स्थान पर

देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron Variant) के अब तक 3,007 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 1,199 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं या विदेश चले गए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, नए वैरिएंट के महाराष्ट्र में सबसे अधिक 876 मामले सामने आए हैं। इसके बाद दिल्ली में 465, कर्नाटक में 333, राजस्थान में 291, केरल में 284, गुजरात में 204, तमिलनाडु में 121, हरियाणा में 114, और तेलंगाना में 107 मामले सामने आए हैं।

कोविड-19 : भारत में 214 दिनों बाद संक्रमण के नए मामले एक लाख के पार

देश में कोरोना वायरस के एक दिन में आने वाले मामले, 214 दिनों बाद एक लाख से अधिक दर्ज किए गए, जिससे संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 3,52,26,386 हो गई है। इनमें 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से ओमिक्रॉन के 3,007 मामले भी शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में एक दिन में इस महामारी के 1,17,100 नए मामले आए जबकि उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,71,363 हो गयी जो करीब 120 दिनों में सबसे अधिक है। एक दिन में 302 मरीजों के जान गंवाने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 4,83,178 हो गई है। देश में पिछले साल सात जून को एक लाख से अधिक मामले आए थे और तब कुल 1,00,636 मामले दर्ज किए गए।

मंत्रालय ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों की संख्या संक्रमण के कुल मामलों का 1.05 प्रतिशत है, जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने वाले मरीजों की राष्ट्रीय दर 97.57 प्रतिशत है। 24 घंटों में कोरोना वायरस का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में 85,962 की वृद्धि हुई है। संक्रमण की दैनिक दर 7.74 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि साप्ताहिक संक्रमण दर 4.54 प्रतिशत दर्ज की गई। इस बीमारी से उबरने वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 3,43,71,845 हो गई है, जबकि मृत्यु दर 1.37 प्रतिशत है। देशव्यापी कोविड-19 रोधी अभियान के तहत अभी तक 149.66 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी है।

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।

आंकड़ों के अनुसार, देश में जिन 302 मरीजों की मौत हुई है उनमें से 221 की केरल में और 19 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई। इस महामारी से अभी तक 4,83,178 लोग जान गंवा चुके हैं, जिनमें से 1,41,594 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 49,116 की केरल में, 38,358 की कर्नाटक में, 36,825 की तमिलनाडु में, 25,127 की दिल्ली में, 22,917 की उत्तर प्रदेश में और 19,846 लोगों की मौत पश्चिम बंगाल में हुई।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है। 

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