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Friday, August 19, 2022
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UP में कोरोना के 2038 नए केस, घनी आबादी में पहुंचा ओमिक्रॉन, सरकार बढ़ाएगी जांच का दायरा

उत्‍तर प्रदेश में कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है। बुधवार को प्रदेश में कोरोना बम फूटा। मंगलवार से बुधवार के 24 घंटों के बीच राज्य में एक लाख 92 हजार 430 कोविड नमूनों की जांच की गई। इसमें संक्रमण के 2038 नए मामलों की पुष्टि हुई। इससे पहले एक दिन में इतने केस मई के अंत में मिले थे। इसी के साथ राज्य में सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 5158 हो गई है। संक्रमण का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि पांच दिनों में ही यूपी में 4537 नए केस आ चुके हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि 24 घंटे में 51 लोग ठीक हो गए।

घनी आबादी में पहुंचा ओमिक्रॉन 

उधर, कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। घनी आबादी में संक्रमण पहुंच गया है। संक्रमण के रफ्तार पकड़ने का खतरा बढ़ गया है। वहीं कोरोना का डेल्टा वैरिएंट भी मुसीबत बना है। 95 से 98 फीसदी मरीज डेल्टा की चपेट में हैं। मंगलवार को कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के आठ मरीजों की पहचान हुई थी। इनमें सात मरीज लखनऊ के थे। नक्खास व इंदिरानगर में दो-दो लोग ओमीक्रोन की चपेट में हैं। दोनों ही इलाके भीड़-भाड़ वाले हैं। प्रमुख बाजार भी हैं। इसके अलावा अलीगंज, महानगर, सरोजनीनगर, गोमतीनगर में भी एक-एक ओमीक्रोन के मरीज मिले हैं। एक मरीज आजमगढ़ का है। विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन तेजी से फैलता है।

डेल्टा भी डरा रहा

कोरोना की दूसरी लहर में कहर बरपा चुका डेल्टा प्लस का खतरा अभी भी टला नहीं है। लगातार खतरनाक कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट संक्रमित बढ़ रहे हैं। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक कोरोना से बचने के लिए सर्तक रहें। कोरोना नियमों का पालन करें।

यूपी जल्द बढ़ाएगा ओमिक्रॉन की जांच का दायरा

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने अब जीनोम सीक्वेंसिंग का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। जांच की संख्या को 200 से बढ़ा कर 1100 से लेकर 1300 प्रतिदिन तक किया जाएगा। साथ ही जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए नमूने लेने की नीति भी निर्धारित की जाएगी ताकि नए वेरिएंट की संक्रमण दर का सही-सही आंकलन किया जा सके। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन अब यूपी में भी पांव पसारने लगा है। प्रदेश में अब तक ओमिक्रॉन के 31 एक्टिव केसों की पुष्टि हो चुकी है। फिलहाल प्रदेश में सिर्फ दो जगह ही ओमिक्रॉन के पुष्टि के लिए जरूरी जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है। यह संस्थान लखनऊ स्थित एनबीआरआई और सीडीआरआई हैं। ऐसे में जांच के लिए नमूने दिल्ली भेजने पड़ते हैं। इस प्रक्रिया में समय भी अधिक लगता है।

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