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Friday, December 2, 2022
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सरसों उगलेगी सोना पर खेती के समय रखें इन बातों का ध्यान, यूपी के विशेषज्ञों ने बताए खास टिप्स

रबी सीजन में सरसों की बुआई के बाद अब सिंचाई का समय नजदीक है। अलीगढ़ मंडल में बीत सालों में सरसों का रकबा 55 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 77 हजार हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। मंडी में भी किसानों को सरसों का भाव काफी अच्छा मिल रहा है। जिसके चलते किसानों का रूझान इस खेती की तरफ बढ़ने लगा है। ऐसे में सरसों की खेती में पर ध्यान देने की भी काफी जरूरत है ताकि उसे रोग-कीट से बचाया जा सके। हिन्दुस्तान ने कृषि विशेषज्ञों से इस संबंध में बातचीत की।

कृषि वैज्ञानिक डा. वीके सचान ने बताया कि सरसों की सिर्फ फसल बोने से ही किसान निश्चिंत नहीं हो जाता। फसल की बुआई के बाद भी उसे अनेक मुश्किलों से दो-चार होना पड़ता है। जैसे फसल में खरपतवार की समस्या, कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए समय-समय पर कीटनाशक का छिड़काव करना पड़ता है। तब जाकर कहीं उसकी फसल पक कर तैयार होती है। तब जाकर किसान को अपने बोए का फल मिलता है।

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जल प्रबंधन में इन बातों का रखें ख्याल संयुक्त कृषि निदेशक राकेश बाबू ने बताया कि सरसों की अच्छी फसल के लिए पहली सिंचाई खेत की नमी, फसल की जाति और मृदा प्रकार को देखते हुए 30 से 40 दिन के बीच फूल बनने की अवस्था पर ही करनी चाहिए। दूसरी सिंचाई फलियां बनते समय (60-70 दिन) करना लाभदायक होता है। जहां पानी की कमी हो या खारा पानी हो, वहां सिर्फ एक ही सिंचाई करना अच्छा रहता है।

खरपतवार नियंत्रण
– खरपतवार फसल के साथ जल, पोषक तत्वों, स्थान एवं प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्ध करते हैं।
– इसके बढ़ने से सरसों की उपज में 60 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है।

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