- Advertisements -spot_img

Sunday, November 27, 2022
spot_img

शरीर पर लाल चकत्‍ते दिखते ही हो जाएं सावधान, हो सकते हैं किसी बड़ी बीमारी का संकेत

शरीर के किसी भी हिस्से में लाल चकत्ते पड़ना एक सामान्य बीमारी माना जाता है। इसे सोरायसिस कहते हैं। इसमें त्वचा शुष्क हो जाती है। जहां लाल चकत्ते पड़ते वहां त्वचा की ऊपरी पपड़ी छूटती है। आमतौर पर इसे सामान्य बीमारी मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यह कई गंभीर बीमारियों का संकेत है।

यह कहना है लखनऊ के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. अबीर सारस्वत का। वह शनिवार को गोरखपुर में आयोजित क्यूटीकॉन-2022 में सोरायसिस पर व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने बताया कि यह बीमारी शरीर के कई अंगों पर सीधा असर करती है। दिल, फेफड़ा और जोड़ों पर इसका असर सबसे पहले होता है। जोड़ों में सोरायसिस आर्थराइटिस हो सकती है। इस बीमारी के मरीजों को हार्टअटैक का भी खतरा रहता है।

हर चौथा पुरुष हो रहा नपुंसक वाराणसी के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ अरविंद सिंह ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल, भागमभाग भरी जिंदगी, तनाव, नशा और फास्ट फूड कल्चर पुरुषों का पौरूष छीन रही है। तनाव व नशे की लत से पुरुषों में नपुंसकता के मामले बढ़े हैं। औसतन हर चौथा पुरुष नपुंसक हो रहा है। इसका सीधा असर उनके दांपत्य जीवन पर पड़ रहा है। देश में निसंतानता के मामले बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि इसे जीवन व दिनचर्या में सामान्य परिवर्तन कर ठीक किया जा सकता है। इसके लिए लंबे इलाज की जरूरत नहीं है। योगासन और प्राणायाम भी इसमें काफी कारगर हो सकते हैं।

अधेड़ अवस्था में निकल रहे मुंहासे एम्स के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ सुनील गुप्ता ने बताया कि सामान्यत किशोरावस्था और युवावस्था में मुंहासे निकलते हैं। अधेड़ अवस्था में भी महिलाओं में मुंहासे निकल रहे हैं। यह मासिक चक्र बंद होने के बाद होता है। इस अवस्था में प्रोजेस्टोन हार्मोन का स्राव कम हो जाता है। इस कारण चेहरे पर चिकनाई बढ़ जाती है। इससे मुंहासे निकलते हैं। इसका सरल व सस्ता इलाज है। इन मुहांसों के निकलते ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आमतौर पर महिलाएं घरेलू या दूसरी अन्य विधाओं से उपचार शुरू करती है। जिससे चेहरे पर गड्ढे बन जाते हैं।

एम्स निदेशक व बीआरडी प्राचार्य ने किया उद्घाटन
भारतीय चर्म रोग, गुप्त रोग एवं कुष्ठ रोग संगठन का राष्ट्रीय कान्फ्रेंस शनिवार को विधिवत शुरू हुआ। यह सम्मेलन गोरखपुर में 38 साल बाद हुआ। इसका उद्घाटन एम्स की निदेशक डॉ. सुरेखा किशोर और बीआरडी मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान स्मारिका का विमोचन किया गया। सम्मेलन में आठ प्रांतों के करीब 300 डॉक्टर शामिल हुए। दो दिवसीय सम्मेलन में छाईं, मुंहासे, झुर्रियों आदि चर्म रोगों के आधुनिक उपचार पर डॉक्टर मंथन कर रहे हैं। इससे चर्म रोग पर कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं।

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Related Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Stay Connected

563FansLike
0FollowersFollow
22FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisements -spot_img

Latest Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img