- Advertisements -spot_img

Saturday, January 22, 2022
spot_img

यूपी विधानसभा चुनाव: रुहेलखंड में भाजपा बचा पाएगी विजय ट्रॉफी या सपा दिखाएगी दम, जानें क्या कहते हैं आंकड़े

यूपी के विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है। रुहेलखंड का मैदान तैयार है। चुनावी पिच पर सियासत के खिलाड़ी हाथ दिखाने को बेताब हैं। रुहेखंड के चारों जिलों में भाजपा के सामने 2017 में 25 में से 23 सीटों पर मिली रिकॉर्ड जीत की ट्रॉफी को बचाने की चुनौती है। सत्ता में वापसी के लिए ताल ठोक रही सपा को कम से कम 13 सीटें जीतकर 2012 का इतिहास दोहराना पड़ेगा।

2017 के विधानसभा चुनाव में बरेली मंडल के चारों जिलों की 25 सीटों में से 23 पर भाजपा ने परचम लहराया था। बदायूं की सहवान और शाहजहांपुर की जलालबाद पर ही सपा के खिलाड़ी जीत हासिल करने में कामयाब हो सके थे। इस बार रुहेलखंड का सियासी दंगल बहुत रोमांचक होने जा रहा है।

भाजपा 2017 के रिकॉर्ड को दोहराने की कोशिश में है। भाजपा के तमाम बड़े नेताओं की नजर रुहेलखंड की सीटों पर टिकी हैं। प्रधानमंत्री-गृहमंत्री  से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष और सीएम तक बरेली मंडल में सभाएं और रोड शो कर चुके हैं। 

इस चुनाव में शाहजहांपुर से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद, बरेली की कैंट सीट से विधायक भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, बहेड़ी विधानसभा सीट पर राजस्व राज्यमंत्री छत्रपाल सिंह गंगवार और बदायूं से नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता प्रमुख चेहरा होंगे।

सपा 2012 के इतिहास को दोहराकर रुहेलखंड में दबदबा बढ़ाने की जुगत में है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और दूसरे नेता लगातार रुहेलखंड की सीटों को लेकर जीत का दावा कर रहे हैं। पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार प्रमुख चेहरा होंगे। बसपा का रुख अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन वह क्या गुल खिलाएगी, इसका समय पर ही पता चलेगा। कांग्रेस भी प्रयास तो काफी कर रही है लेकिन पिछले तीन चुनावों में उसका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। पूर्व सांसद  प्रवीण ऐरन की पत्नी पूर्व मेयर सुप्रिया ऐरन प्रमुख चेहरा रहेंगी।

रंग दिखाएगा किसानों का रुख

रुहेलखंड के बरेली-शाहजहांपुर और पीलीभीत के कुछ इलाकों के किसानों ने कृषि कानूनों के विरोध में हुए आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत के कुछ इलाके में किसान आंदोलन चुनाव में मुद्दा बन सकता है। गन्ने के भुगतान में लेटलतीफी को लेकर किसान नाराज है। किसानों का रुख रुहेलखंड में विधानसभा चुनाव की तस्वीर में बदलाव कर सकता है।

धर्म-जाति अहम भूमिका निभाएंगे

रुहेलखंड के चुनावी दंगल में धर्म-जाति अहम किरदार निभाएगी। रुहेलखंड के चारों जिलों में टिकट के दावेदार धर्म और जातीय समीकरण के आधार पर अपनी जीत के दावे हाईकमान के सामने पेश कर रहे हैं।

बरेली मंडल कुल सीटें 25

पार्टी      2017   2012  2007
भाजपा    23      05      05
सपा       02      13      06
बसपा     00      06      12
कांग्रेस    00      00      00
अन्य       00     01       02

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Related Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Stay Connected

563FansLike
0FollowersFollow
24FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisements -spot_img

Latest Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img