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Thursday, January 27, 2022
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मोदी लहर में भी सपा का रहा कब्जा, जानिये कन्नौज का इतिहास और समीकरण

यूपी में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही हर सीट पर दावे शुरू हो गए हैं। दुनिया भर में अपने खुशबू के कारोबार के लिए पहचान रखने वाली इत्रनगरी कन्नौज को सुगंध की राजधानी भी कहा जता है। सम्राट हर्षवर्द्धन के विशाल साम्राज्य की राजधानी का रुतबा रखने वाला यह शहर अब भी सियासी गलियारे में राजधानी का ही रुतबा रखता है। जिला बनने के बाद कन्नौज की सदर सीट पर हर चुनाव में समाजवादी पार्टी को ही कामयाबी मिली है। पिछले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जबरदस्त लहर के बावजूद सपा अपने इस मजबूत किले को बचाने में कामयाबी रही थी।

कन्नौज जिले के तीन विधानसभा सीट में से सदर सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित है। आजादी के बाद हुए पहले चुनाव में यहां कांग्रेस के कालीचरण टंडन चुनाव जीते थे। उसके बाद 1957 से यह सीट रिजर्व हो गई। उसके बाद के हुए परिसीमण में इसका आरक्षण नहीं बदला। पहले फर्रुखाबाद जिले का हिस्सा रही यह सीट 1997 में कन्नौज के जिला बनने के बाद भी उसी वजूद पर कायम है। जिला बनने के पहले यहां से कांग्रेस का दबदबा हुआ करता था। बीच-बीच में भाजपा और जनता दल ने भी इस पर कब्जा जमाया।  पिछले चुनाव में सपा के अनिल दोहरे को जीत मिली थी। उन्हें 99635 मत मिले थे। भाजपा के बनवारी लाल दोहरे उपजेता रहे थे। 

भाग्य विधाता: 

कुल मतदाता: 427488
पुरुष मतदाता: 227928
महिला मतदाता: 199547
थर्ड जेंडर: 13

अब तक 17 बार हो चुका चुनाव

-05 बार कांग्रेस को मिली है कामयाबी
-04 बार सपा को मिली है जीत 
-03 बार भाजपा को जीत मिली है
-01-01 बार जनता दल, जनसंघ और बीकेडी भी जीती

कन्नौज विधानसभा सीट से जुड़े रोचक तथ्य:

-आजादी के बाद से हुए पहले चुनाव से ही यह सीट अस्तित्व में है।
-कन्नौज सदर सीट पर पिछले लगातार चार चुनाव से सपा को मिल रही कामयाबी
-मौजूदा विधायक अनिल दोहरे और भाजपा के बनवारी लाल दोहरे लगा चुके हैट्रिक
-सपा विधायक अनिल दोहरे के पिता बिहारी लाल दोहरे भी तीन बार रह चुके विधायक 
-बसपा को इस सीट पर कभी कामयाबी नहीं मिली है, 2007 और 2012 में रनर रह चुके हैं प्रत्याशी
-निर्दलीय और महिला उम्मीदवार को कभी नहीं मिल सका है विधायक बनने का मौका
-1985 में आखिरी बार कांग्रेस को कामयाबी मिली थी, मौजूदा विधायक के पिता बने थे विधायक 
-1996 के बाद से इस सीट पर जीत के लिए जद्दोजहद कर रही है भारतीय जनता पार्टी 

कन्नौज सदर विधानसभा सीट से इन्हें मिल चुकी है कामयाबी 

वर्ष            विजेता                    उपविजेता    
2017:        अनिल दोहरे सपा, 99635        बनवारी लाल दोहरे भाजपा, 97181
2012:     अनिल दोहरे, सपा, 957002        महेंद्र नीम दोहरे, बसपा, 50020
2007:     अनिल दोहरे, सपा, 49740        कलियान सिंह दोहरे, बसपा, 41327
2002:     कलियान सिंह देाहरे, सपा, 38482    बनवारी लाल दोहरे, भाजपा, 36680
1996:     बनवारी लाल दोहरे, भाजपा, 42788    कलियान सिंह दोहरे, सपा, 41910
1993:     बनवारी लाल दोहरे, भाजपा, 50130    अनिल दोहरे, सपा, 38769
1991:     बनवारी लाल दोहरे, भाजपा, 23169    कलियान सिंह, जनता दल, 23122
1989:     कलियान सिंह, जनता दल, 324528    बिहारीलाल दोहरे, कांग्रेस, 31956
1985:     बिहारी लाल दोहरे, कांग्रेस, 23180    झामलाल अहिरवार, भाजपा, 14182
1980:     बिहारी लाल दोहरे, कांग्रेस, 23705    झामलाल अहिरवार, भाजपा, 7565
1977:     झामलाल अहिरवार, जेएनपी, 29759    बिहारी लाल दोहरे, कांग्रेस, 18483
1974:        झामलाल अहिरवार, जनसंघ, 23766    बिहारी लाल दोहरे, कांग्रेस, 19511
1969:     बिहारी लाल दोहरे, बीकेडी, 25145    पातीराम अहिरवार, कांग्रेस, 15512
1967:        पातीराम अहिरवार, कांग्रेस, 15981    बिहारी लाल दोहरे, एसएसपी, 12672
1962:        पातीराम अहिरवार, कांग्रेस, 20394    सीताराम, पीएसपी, 8183
1957:     होरीलाल, पीएसपी, 40299        पातीराम, कांग्रेस, 39098
1952:     कालीचरण टंडन, कांग्रेस, 15845    सेठ चंदन गुप्ता, निर्दलीय, 11120

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