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Saturday, January 22, 2022
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बस और ट्रेन से करते थे सफर, विधानसभा जाते थे पैदल; सादगी के लिए मशहूर रामस्वरूप के खिलाफ मुलायम ने नहीं उतारा था प्रत्याशी

राजनीति में भले ही साम-दाम-दंड-भेद तीनों ही जायज ठहराए जाते हों, लेकिन नजीबाबाद में माकपा के विधायक कामरेड मास्टर रामस्वरूप इन सबसे दूर सादगी और ईमानदारी की मिसाल बने रहे हैं। और यही उनका आभूषण रहा।

बसों में सामान्य यात्री की तरह सफर करना, रिक्शा में चलना, उनकी दिनचर्या में शामिल रहा। इसलिए नजीबाबाद की जनता ने उन्हें लगातार तीन बार चुनाव जिताकर अपना सिरमौर बनाया। विपक्ष पार्टी के होने के बावजूद सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह भी उनकी इस ईमानदारी के कायल थे। नजीबाबाद शहर से सटे सहानपुर के रहने वाले मास्टर रामस्वरूप एक प्राइमरी अध्यापक रहे हैं। 

मास्टर राम स्वरूप के करीबी और उनके साथ रहे महताब चांद ने बताया कि सादगी पंसद और वामपंथी सोच के व्यक्तिथे। राजनीति में भी वह समाजसेवा के लिए। वर्ष 1974 में अध्यापक की नौकरी छोड़ उन्होंने मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी ज्वाइन। इसके बाद उन्होंने नजीबाबाद से 1974 में1977 में 1980 1985 में चुनाव लड़ा लेकिन वह चारों चुनाव हार गए। इसके बावजूद भी उन्होंने न तो पार्टी छोड़ी और नहीं अपनी सादगी। 

वर्ष 1993 के चुनाव में जनता दल के गठबंधन के साथ वह माकपा से चुनाव लड़े और पहली बार जीत हासिल की। विधायक बनने पर भी उनकी दिनचर्या सामान्य व्यक्ति वाली रही। लखनऊ जाना हो या फिर अन्य कहीं भी वह हमेशा बस अथवा ट्रेन से गए। लखनऊ में भी अपने आवास से वह पैदल ही विधानसभा जाते थे। नजीबाबाद में भी इधर से उधर जाने में वह रिक्शा का प्रयोग करते थे। उनकी सादगी और ईमानदारी के चलते सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह भी कायल हो गए। वर्ष 1996 में राम स्वरूप माकपा से ही सपा गठबंधन से विधानसभा चुनाव लड़े और जीत हासिल की।

मुलायम सिंह ने 2002 में मास्टर जी के सामने नहीं उतारा प्रत्याशी
सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह मास्टर रामस्वरूप से इतने प्रभावित थे कि 2002 के चुनाव में सपा और माकपा का गठबंधन नहीं हुआ। मुलायम सिंह को पता लगा कि नजीबाबाद से मास्टर जी ही चुनाव लड़ रहे हैं तो मुलायम सिंह ने अपनी पार्टी का कोई प्रत्याशी उनके खिलाफ खड़ा नहीं किया। मुलायम सिंह ने मास्टर जी के निधन के बा भी दोस्ती का फर्ज निभाया और उनके बेटे राजकुमार को नहटौर से सपा का टिकट दिया लेकिन वह चुनाव नहीं जीत सके।

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