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Thursday, January 20, 2022
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बुखार से तप रहा बस्ती का अमरौली सुमाली गांव, 10 की हो चुकी है मौत

सल्टौआ (बस्ती)। हिन्दुस्तान संवाद

विकास खंड सल्टौआ गोपालपुर की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत अमरौली सुमाली बुखार से तप रही है। गांव में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। 56 पुरवे वाली इस ग्राम पंचायत में पिछले एक पखवारे में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा है जो एक पुरवे के लोग दूसरे पुरवे से जानकारी कर पाए हैं। बताते हैं कि मौत का आंकड़ा 18 से अधिक है। बुखार व कोविड लक्षण की पहचान करने वाली सर्वे टीम भी सभी पुरवे पर नहीं पहुंच पाई है। साफ-सफाई व सैनेटाइजेशन का अभाव है।

अमरौली सुमाली में पिछले एक पखवारे के दौरान पूर्व प्रधान हरिश्चंद्र मौर्य, जवाहर यादव, राजाराम, सरस्वती देवी, देवदत्त शर्मा, राजकुमार गुप्ता, शोभा प्रसाद श्रीवास्तव सहित तीन अन्य की मौत हुई है। ग्रामीणों की मानें तो मौत का आंकड़ा और है, लेकिन लॉकडाउन के चलते आवाजाही कम है। 56 पुरवे के लोगों की सूचना नहीं मिल पाई है। इन पुरवों पर बुखार से पीड़ितों की संख्या 100 के करीब बताई जा रही है। कुछ पुरवे के लोगों का कहना है कि उनके यहां तक कोविड लक्षण का पता करने वाली टीम नहीं आई है। इसके उलट सर्वे करने वालों का कहना है लोगों ने कुछ बताने से ही मना कर दिया।

गांव की सड़कों पर सन्नाटा है। इक्का-दुक्का लोग एक दूसरे के साथ बात करते दिखाई देते हैं। खेती-बारी का काम करने के साथ लोग अपने-अपने घरों तक सिमटे हुए हैं। मौत को लेकर लोगों में डर है। कोरोना को लेकर अब लोगों में भय है तो वह मास्क के साथ कोविड प्रोटोकॉल का स्वयं ही पालन कर रहे हैं। गांव में प्रोटोकॉल का पालन कराने वाला कोई नहीं है, लेकिन लोग स्वयं ही अपने बचाव में कदम उठा रहे हैं।

शासन की तरफ से गांव में विशेष सफाई अभियान व सैनेटाइजेशन कराया जा रहा है, जो इस गांव में होता नहीं दिखाई दे रहा है। अधिकांश ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर साफ-सफाई नहीं हुई है। कोई छिड़काव भी नहीं हुआ है। गांव की आशा की मानें तो बुखार आदि की सूचना पर सर्वे किया गयाहै। सीएचसी पर सूचना दे दी गई है। लेकिन अभी तक गांव में जांच टीम नहीं आई है और न तो आरआरटी ने दवा का वितरण किया है।

कोविड पॉजिटिव हुए सीएचसी प्रभारी हैं होम आइसोलेट

गांव में बुखार व कोविड के लक्षण वाले मरीजों की बात पर सीएचसी प्रभारी ने कहा कि कोविड पॉजिटिव होने के चलते वह होम आइसोलेट हैं। फिर भी गांव में टीम भेज कर कार्रवाई करता हूं। एसडीएम भानपुर आनंद श्रीनेत ने बताया कि जानकारी मिली। गांव में अभियान चलाकर कारवाई की जाएगी।

गांव की सुविधाएं हैं बदहाल

ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत होने के बाद भी सफाई व्यवस्था बदहाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मी नहीं आता है। मच्छरों ने भी अपना डेरा जमा रखा है। स्वच्छ पेयजल के लिए गांव में जल निगम ने ओवरहेड टैंक लगाया है। इसके बाद भी दो हजार की आबादी पेयजल से वंचित है। गांव के संपर्क मार्ग टूट चुके हैं। सड़कों पर जगह-जगह जल जमाव है। गांव में 10 साल पहले बने मिनी सचिवालय का आज तक ताला ही नहीं खुला है। अब इस सचिवालय का भवन जर्जर हो गया है।

गांव के बाबूराम वर्मा दो बार रहे विधायक

सल्टौआ ब्लॉक का अमरौली शुमाली ग्राम पचांयत की जिले में अलग पहचान थी। यहां के बरहपुर पुरवा निवासी स्व. बाबूराम वर्मा तत्कालीन रामनगर विधानसभा क्षेत्र (रुधौली) से दो-दो बार विधायक चुने गए। उन्होंने जनता पार्टी से चुनाव लड़कर 1977 से 1980 तक तथा समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीत कर 1993 से 1996 की विधानसभा में रामनगर का प्रतिनिधित्व किया। कुआनो नदी को उत्तर-दक्षिण इलाके से जोड़ने के लिए सोनहा से गौर की सड़क और इसी के शिवा घाट पर बना पुल स्व. बाबूराम वर्मा का क्षेत्रवासियों के लिए उपहार रहा। अपने घर में 20 साल तक बिना किराया लिए स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कराया था।

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