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Saturday, January 22, 2022
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पति को छोड़ राहुल के साथ चली गई थी महिला, गुप्तांग काटकर दी थी भाई की पत्नी से मोहब्बत करने की सजा

हत्यारोपी के भाई की पत्नी और राहुल के बीच प्रेम संबंध हरियाणा के झज्जर से शुरू हुये थे। मृतक और हत्यारोपी दोनों के परिवार मजदूरी करने हरियाणा गये थे। वहीं राहुल और महिला एक दूसरे के साथ भाग गये थे। राहुल महिला को वापस लौटाने से इनकार कर रहा था। इससे नाराज चंद्रपाल ने हत्या की साजिश रची और राहुल को मौत के घाट उतार दिया था। इंस्पेक्टर सुभाषनगर ने बताया कि राहुल का पोस्टमार्टम कराया गया था। जिसमें 11 बार चाकूओं से हमला किया गया था। आरोपी ने राहुल का आधा गुप्तांग भी काट दिया था। चन्द्रपाल ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि भाई की पत्नी उसके साथ ही रहती थी।

उस समय में राहुल भी उन्हीं लोगों के साथ रहता था। इसी दौरान भाई की पत्नी और राहुल के बीच प्रेम प्रसंग हो गया। मौका पाकर राहुल उसको अपने साथ घर ले गया। इसकी जानकारी होने पर वह राहुल के घर गया तो उसने कहा कि वह महिला को नहीं देगा। जो करना है कर ले। इसी के बाद से उसने प्लान बनाया और राहुल को अपने विश्वास में लिया। सात जून को उसने राहुल को फोन कर कहा कि वह बरेली जंक्शन पर है आ जाओ। राहुल को बुलाया और उस समय दोनों ही शराब के नशे में थे। जंक्शन पर भीड़ के कारण उसने घटना को अंजाम नहीं दिया और फ्लाई ओवर के पास ले जाकर चाकूओं से वारकर हत्या कर दी।

सौतेले पिता व सगे भाई की भी गला काटकर हत्या कर चुका है आरोपी

आरोपी चन्द्रपाल ने पूछताछ के दौरान बताया है कि उसके पिता रामस्वरुप की मौत हो गई थी। जिसके बाद उसकी मां ने दूसरा विवाह कर लिया था। जिसके बाद से उसका सौतेला पिता पत्नी पर बुरी नजर रखता था। वहीं सगा भाई भी सौतेले पिता की पैरवी करता था। जिसके कारण 2001 में उसने अपने सौतेले पिता मुंशी व सगे भाई सुघरपाल की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी थी। इस डबल मर्डर के मामले में वह जेल भी जा चुका है। चन्द्रपाल के खिलाफ उक्त मुकदमा संभल के बनियाठेर थाने में दर्ज है।

विवेचना के दौरान बदल चुके चार इंस्पेक्टर 

2019 में मिले राहुल के शव के बाद से चार इंस्पेक्टर बदल चुके है। जिसमें इंस्पेक्टर हरिश्चन्द्र जोशी, इंस्पेक्टर सुनील कुमार, इंस्पेक्टर नरेश कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर नरेश कुमार कश्यप ने इस मामले में विवेचना की है। इसके बाद भी उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

ऐसे खुला हत्या का मामला

इंस्पेक्टर सुभाषनगर ने बताया कि घटना के 72 घंटे बाद 2019 में ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस लगातार विज्ञापन दे रही थी। सभी थानों को सूचना भिजवाई जा रही थी। उसी क्रम में परिवार वालों ने शव की पहचान की। मृतक के परिवार वालों की निशानदेही पर आरोपियों को उठाया। जिस पर उन्होंने हत्या करने की बात कबूल कर ली।

कलावा और जींस देखकर रो पड़ी मां

मृतक के हाथ में कलावा था। जींस और टी शर्ट पहने हुये था। उसके कपड़े पुलिस के पास रखे हुये  थे। कलावा और कपड़े देखकर मां रो पड़ी। बोली मेरे बेटे के ही कपड़े हैं। इसके बाद मां और परिवार के लोग कपड़ों को सीने से लगाकर रोने लगे।

 

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