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Friday, December 2, 2022
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तो क्या गालीबाज नेता बनेंगे बच्चों के रोल मॉडल, शिक्षा विभाग के कार्यक्रम का राजनीतिकरण आख़िर क्यों

ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता

कपिल देव की अध्यक्षता में कार्यक्रम का हुआ आयोजन


अम्बेडकरनगर। जनपद के टांडा शिक्षा क्षेत्र में ब्लॉक स्तरीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया लेकिन उसका पूर्ण रूप से राजनीतिकरण कर दिया गया। कुछ दिन पूर्व पुलिसकर्मी को गालियां देने वाले कपिल देव वर्मा की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वही चर्चा है कि जब गालीबाज लोग कार्यक्रम में शामिल होंगे तो स्कूली शिक्षा की दशा क्या होगी। कार्यक्रम का आयोजन कम्पोजिट विद्यालय केशवपुर में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह को आमंत्रित किया गया था लेकिन वह कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके जब उनसे वार्ता किया गया तो उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी उन्हें नहीं है। कहने का मतलब यह है कि जब कार्यक्रम का राजनीतिकरण करना ही था तो फिर स्वच्छ छवि के लोगों को आमंत्रित करना चाहिए था। कार्यक्रम स्थल कटेहरी विधानसभा क्षेत्र में आता है लेकिन यहां के नेताओं से इस कार्यक्रम का कोई मतलब नहीं था। यहां पर जीते हुए विधायक लालजी वर्मा है जो शासन में मंत्री भी रहे हैं और इनका राजनीतिक करियर भी स्वच्छ छवि का रहा है वहीं भाजपा से चुनाव लड़े अवधेश द्विवेदी की छवि बेहतर है लेकिन इन लोगों को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। भाजपा के जिला अध्यक्ष मिथिलेश त्रिपाठी जोकि ऐसे कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं जिनकी शिक्षा का स्तर भी पूरे जनपद में मौजूदा नेताओं से बेहतर है इन्होंने पीएचडी की है लेकिन इन्हें भी इस कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। शिक्षा विभाग के कार्यक्रम का इस तरह से राजनीतिक करण होना बच्चों के भविष्य पर बट्टा लगाना जैसा है। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि, अध्यक्षता सहित अन्य शब्द जो शिक्षा विभाग के कार्यक्रम के दौरान प्रयोग किए जाते हैं उनका मकसद सिर्फ इतना ही होता है कि बच्चों को ऐसे व्यक्ति से सम्मानित होने का अवसर प्राप्त होगा जो बड़े होकर उनके जैसा बनना चाहते हैं अर्थात उन्हें रोल मॉडल मानेंगे। लेकिन अगर ऐसे नेताओं को ही बच्चों को अपना रोल मॉडल मानना है तो ऐसे शिक्षा ना ही रहे तो बेहतर है। अध्यापकों को इस बात का ख्याल तो रखना ही चाहिए कि हम जिसे आमंत्रित कर रहे हैं उसकी छवि क्या है और बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। शिक्षा विभाग में एक से एक हस्तियां हैं जिनको रोल मॉडल माना जा सकता है लेकिन कार्यक्रम का राजनीतिकरण कर बच्चों की दिशा को ही बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
बता दें कि अलीगंज थाने पर सिपाही के साथ गाली गलौज और अभद्रता करने के आरोप में कपिल देव वर्मा के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत है और टांडा शिक्षा क्षेत्र में आयोजित हो रही क्रीड़ा प्रतियोगिता में इन्हें अध्यक्षता करने का अवसर दिया गया है। इसका एक कारण और भी है कुछ शिक्षक जिसका विद्यालय से कोई वास्ता नहीं है ऐसे शिक्षक ऐसे नेताओं के संरक्षण में हैं।

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