- Advertisements -spot_img

Thursday, January 20, 2022
spot_img

टिकट नहीं मिलने से नाराज सास-बहू लखनऊ में कांग्रेस दफ्तर पर धरने पर बैठीं

विधानसभा चुनाव के सियासी अखाड़े में मुकाबले के लिए राजनीतिक दलों की ओर से उतरने वाले प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही उसमें जगह न बना पाने वालों का दुख-दर्द खुलकर सामने आने लगा है। 

कांग्रेस से टिकट न मिलने से नाराज सास और बहू शुक्रवार की सुबह लखनऊ में पार्टी दफ्तर में धरने पर बैठ गईं। लखनऊ की दूसरी सीट ऐसी है जिस पर टिकट बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हुआ है। एक दिन पहले सरोजनीनगर से टिकट मांगने वाली कांग्रेस की ‘पोस्टर गर्ल’ डॉ. प्रियंका ने टिकट बंटवारे में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा था कि, लड़की थी लड़ सकती हूं पर लड़ने नहीं दिया गया। अभी यह मामला शांत नहीं हुआ था कि दूसरा प्रकरण सामने आ गया।

शुक्रवार को बीकेटी से टिकट की दावेदार शीला मिश्रा संगठन से आरपार की लड़ाई में कूद गईं। गले में तख्ती लेकर माल एवेन्यू स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर धरना दे दिया। कुछ देर में उनकी बहू भी आकर बगल में बैठ गई। शीला मिश्रा ने आरोप लगाया कि, ‘पार्टी पदाधिकारियों ने बड़ी धनराशि की मांग की थी। उतनी व्यवस्था नहीं कर पाईं। जितना हो सकता वो लेकर आईं तो कहा गया कि इतने से काम नहीं चलने वाला।’

पहले कांग्रेस नेताओं ने उनको बातचीत के लिए बुलाया लेकिन सहमति नहीं बनी। थोड़ी देर बाद वो उसी स्थान पर आकर बैठ गईं। बगल में महिलाओं को प्रोत्साहित करने वाली होर्डिंग भी लगी हुई है। तीन दशकों से पार्टी की सेवा कर रही शीला मिश्रा माल एवेन्यू स्थित मुख्यालय पर धरना दे रही हैं। उनका कहना है कि, ‘पार्टी ने बीकेटी की सीट से टिकट देने का वादा किया गया था। महिला होने के नाते उनको बहुत उम्मीद थी लेकिन वहां से ललन कुमार को टिकट दे दिया गया।’

शीला मिश्रा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सदस्य भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘कांग्रेस पार्टी में पैसे लेकर टिकट बांटे जा रहे हैं। वर्षों तक संगठन की सेवा करने के बावजूद उनको या उनकी बहू को टिकट नहीं दिया गया।’ उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा से न्याय की मांग की है। शीला मिश्रा ने बताया कि उनकी बहू को बस्ती की हरैया सीट से तैयारी करने के निर्देश दिए गए थे। टिकट वितरण से दो दिन पहले तक आश्वासन दिया जाता रहा। वह अपने बच्चों को घर पर छोड़कर लगातार पार्टी के लिए अपनी विधानसभा सीट पर काम कर रही थी।’

कांग्रेस का पक्ष

मीडिया विभाग के अध्यक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कहना है कि हमने इस मामले की व्यक्तिगत स्तर पर तहकीकात की। उनसे बात की लेकिन वो यह बताने को तैयार नहीं कि किसने उनसे पैसा मांगा। अब ऐसे में हम क्या समझे और किसके खिलाफ कार्रवाई करें? अब तो वो माफी भी मांग रही है। कांग्रेस में लोकतन्त्र है। यहां हर कार्यकर्ता को अपनी बात कहने का अधिकार है। इसका कुछ लोग दुरुपयोग करते हैं। हमारा टिकट देने का एक पारदर्शी व लोकतांत्रिक तरीका है। 

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Related Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img

Stay Connected

563FansLike
0FollowersFollow
24FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img
- Advertisements -spot_img

Latest Articles

- Advertisements -spot_img
- Advertisements -spot_img