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Saturday, January 22, 2022
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क्या चुनावी रैलियां और जनसभाएं होंगी प्रतिबंधित? जानिए विधानसभा चुनाव को लेकर आयोग की तैयारी

उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में होने जा रहे विधान सभा चुनाव और बढ़ते कोरोना संक्रमण पर केन्द्रीय चुनाव आयोग काफी गम्भीर है। गुरुवार को इस बारे में नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल और गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने के साथ ही आयोग ने इन पांचों राज्यों के गृह और स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों से भी बातचीत की। इन अफसरों से आयोग निरंतर सम्पर्क बनाए हुए है।

 यहां राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अफसरों को अब चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है। इन अफसरों को उम्मीद है कि आयोग बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर नयी गाइड लाइन जारी कर सकता है। पिछले साल पश्चिम बंगाल और बिहार विधान सभा चुनावों के लिए आयोग की ओर से जारी गाइन लाइन में कुछ बदलाव किये जा सकते हैं।

इसी गाइड लाइन पर उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव करवाये गये थे। हालांकि राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कोरोना प्रबंधन का जिलेवार प्लान नवम्बर में ही बनवा लिया था मगर अब हालात बिल्कुल अलग हो चले हैं, ऐसे में आयोग की नयी गाइड लाइन के अनुसार कोरोना प्रबंधन के लिए बने जिलेवार प्लान में बदलाव भी किया जाएगा। खासतौर पर चुनावी रैलियों, सभाओं पर तो प्रतिबंध लगेगा ही। चुनाव प्रचार, नामांकन और मतदान के लिए भी नये सिरे से निर्देश जारी होने की उम्मीद है।

इस कोरोना प्रोटोकाल की गाइडलाइन पर पिछले साल यूपी में हुए थे पंचायत चुनाव

-पंचायत चुनाव के लिए जिला स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी या उनके द्वारा नामित स्वास्थ्य  अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये। 

-चुनाव के लिए प्रशिक्षण में शामिल होने वाले और पोलिंग पार्टियों के कार्मिकों की रवानगी के समय उनकी थर्मल स्कैनर से जांच की गयी।

– विकास खण्ड स्तर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को या उनके द्वारा नामित डाक्टर को नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये।

-कोरोना संक्रमित व्यक्ति को भी चुनाव लड़ने की इजाजत मिली मगर नामांकन उसके प्रस्ताव के जरिये हुआ। 

-नोडल अधिकारी पंचायत चुनाव के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए सभी जरूरी उपाय किया जाने के लिए जिम्मेदार बनाये गये।

– नोडल अधिकारियों के नाम और मोबाइल नम्बर चुनाव में नियुक्त सभी अधिकारी व कर्मचारी को उपलब्ध करवाए गये।

– नामांकन प्रक्रिया शुरू होने पर रिटर्निंग आफिसर के कक्ष में  नामांकन पत्र प्रस्तुत करने के लिए आने वाले व्यक्तियों के लिए साबुन, पानी और सैनेटाइजर की व्यवस्था की गयी।

– इसका प्रयोग करने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की गयी।

– नामांकन पत्र प्रस्तुत करने के लिए आने वाले  व्यक्तियों के लिए मास्क लगाना अनिवार्य किया गया।

– मास्क के बगैर रिटर्निंग अधिकारी के कक्ष में आने की अनुमति नहीं दी गयी।

– प्रत्याशियों और उनके साथ  आने वाले व्यक्तियों को इंतजार करने के लिए बाहर बैठने की व्यवस्था इस तरह की गयी, जिससे उचित सामाजिक दूरी बनी रहे।

-चुनाव प्रचार में कार्यकर्ताओं और प्रचारकां की संख्या सीमित की गयी।

-मतदान केन्द्रों पर थर्मल स्कैनर, सेनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन, मास्क आदि का प्रबंध किया गया।

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